Friday, January 25, 2013

यादों के दिए

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यादों के दिए

बनके तेरी यादों के दिए , जलते हैं 
ये ज़मीन आसमां तले, जलते हैं 

कट रही है ये ज़िन्दगी 
सहमी राहें हैं 
है गुज़ारिश कि हो सेहर 
तेरे शाने में 

खो रहा हूँ मैं बेवजह ,तेरे कूंचे में 
अब न दरकार है मुझे ,इस ज़माने से 

मैं पनाहों में हूँ तेरी,बज़्म कहती है 
कर दे एक नज़्म तू अदा, शान - ए - महफ़िल में 

दिल की गहराईयों में आज , बेरहम बेनज़ीर 
आज हम बेक़स - ए - चिराग, जलते हैं 

बनके तेरी यादों के दिए , जलते हैं 
ये ज़मीन आसमां तले, जलते हैं 
                                      ____संकल्प सक्सेना 'लवि'
कूंचे: गली ,बेनजीर: unmatchable / uncomparable ,बेक़स : Lonely 

Tuesday, January 22, 2013

रूठी क़लम




















रूठी क़लम 

क़लम मेरी क्यों सो रही तुम? 
क्या तुम्हें एहसास है ?
क्या है बीती इस ह्रदय पे? 
क्या मेरे जज़्बात हैं ?

क्यों नहीं तुम जागती हो? 
तुम हो ख़ुद प्राची किरण 
तुम हो वो स्वछन्द चिड़िया 
जिसको ना बांधे गगन 

क्यों है ये आलस तुम्हें ?
क्यों सोयी हो शव सी कहो? 
हंस रहे हैं लोग मुझपे 
दम तोड़ता 'लवि' अब जगो 

ग़र नहीं तुम में हो रंग 
मेरे ग़म से लेलो रंग 
मान जाओ मेरी प्रियवर 
फिर न दिखें रूठे बलम ।
                                                      __ संकल्प सक्सेना 'लवि' ।

पूनम





एहसास विमल( Vimalendu Tiwari) के शब्द लवि के 


पूनम 



दिल का साज़ है पूनम 
अस्फ़िया( Pure, clear ,white) रात है पूनम 
जो उपजे दिल की धड़कन से 
अश्हर (famous,Popular) ये गीत है पूनम 

ये ज़ुल्फ़ें रात है पूनम 
बदन ये चांदनी पूनम 
जो होती है तू रातों में 
जवां हर कैकशां पूनम 

आया हूँ मैं कोठे पे 
मेरी तन्हाइयां चुप हैं 
नहीं तू सामने मेरे 
मगर ये रात है पूनम 

तेरी यादों के साए में 
उफ़नता गीत ये पूनम 
क़लम व्याकुल 'लवि' की है 
'विमल' एहसास है पूनम 
                                                           ____संकल्प सक्सेना 'लवि '